Srikanth Bolla Net Worth, Age, Biography, Wife, Career & More
Hello Readers,
श्रीकांत बोल्ला एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने नेत्रहीन (Visually Impaired) होने के बावजूद जीवन की हर चुनौती को मात दी। आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव सीतारामपुरम में जन्मे श्रीकांत ने अपनी अटूट इच्छाशक्ति से न केवल MIT (USA) में दाखिला लिया, बल्कि भारत लौटकर Bollant Industries खड़ी की, जो आज करोड़ों का टर्नओवर कर रही है।
शिक्षा (Education)
स्कूल में बाधाओं का सामना करने के बाद, वे अमेरिका के प्रतिष्ठित MIT में मैनेजमेंट साइंस पढ़ने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय नेत्रहीन छात्र बने।
Bollant Industries
उनकी कंपनी इको-फ्रेंडली उत्पाद बनाती है और सबसे खास बात यह है कि वे दिव्यांग (Disabled) लोगों को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
“श्रीकांत की कहानी हमें सिखाती है कि यदि दृढ़ निश्चय (Determination) हो, तो दुनिया की कोई भी बाधा आपको सफल होने से नहीं रोक सकती।”
”
Srikanth Bolla – Quick Bio
| पूरा नाम (Full Name) | Srikanth Bolla |
| जन्म तिथि (Birth) | 7 July 1991, Andhra Pradesh |
| उम्र (Age) | 34 Years (as of 2026) |
| शिक्षा (Education) | MIT, Management Science (USA) |
| व्यवसाय (Occupation) | Entrepreneur (CEO, Bollant Industries) |
| करियर हाइलाइट्स | Founded Bollant Industries (2012) |
| कुल संपत्ति (Net Worth) | ₹50-100 Crores (Estimated) |
| पत्नी (Wife) | Veera Swathi (m. 2022) |
| विशेष कौशल (Skills) | Braille Expert, Leadership |
| सोशल उपस्थिति | 🔗 LinkedIn Active Profile |
Real Name & Identity
असली नाम (Official Name)
Srikanth Bolla

शुरुआती जीवन और शिक्षा
FROM VILLAGE STREETS TO MIT HALLS
संघर्षपूर्ण बचपन (Early Challenges)
1991 में एक किसान परिवार में जन्मे श्रीकांत जन्म से ही नेत्रहीन थे। उनका स्कूल घर से 5 किमी दूर था, जहाँ वे रोज़ पैदल जाते थे। तमाम बाधाओं के बावजूद उन्होंने Class 10 में टॉप किया, जिससे उनके आत्मविश्वास को एक नई दिशा मिली।
IIT से इंकार
नेत्रहीनता के कारण भारत में IIT कोचिंग के लिए मना किए जाने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी कमज़ोरी को अपनी ताकत बनाया और वैश्विक शिक्षा के लिए आवेदन किया।
MIT स्कॉलरशिप
प्रतिष्ठित MIT (USA) ने उन्हें फुल स्कॉलरशिप दी। वे मैनेजमेंट साइंस पूरा करने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय नेत्रहीन छात्र बने और भारत लौटकर बदलाव की नींव रखी।
“श्रीकांत बोल्ला की शिक्षा ने उन्हें केवल डिग्री नहीं, बल्कि एक ऐसा ग्लोबल विजन दिया जिसने भारत में दिव्यांगों के लिए रोज़गार के द्वार खोल दिए।”

माता-पिता और परिवार
THE ROOTS OF DETERMINATION
बोल्ला सुब्रह्मण्यम और बोल्ला राजम्मा
श्रीकांत का जन्म आंध्र प्रदेश के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता सुब्रह्मण्यम और माता राजम्मा ने समाज की बातों की परवाह किए बिना श्रीकांत को कभी कमज़ोर नहीं समझा। उनके माता-पिता के निरंतर प्रोत्साहन ने ही श्रीकांत को नेत्रहीनता की बेड़ियों से बाहर निकाला।
पारिवारिक संबंध
श्रीकांत का परिवार एक बहुत ही मजबूत और क्लोज-निट यूनिट है। उनके भाई-बहनों की जानकारी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन वे हमेशा श्रीकांत की सफलता के पीछे एक शांत शक्ति बनकर रहे हैं।
सफलता का श्रेय
श्रीकांत अक्सर अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं। उनके कार्य करने के तरीके (Work Ethic) में वही पुराने पारिवारिक मूल्य झलकते हैं, जो उन्होंने अपने किसान माता-पिता से सीखे।
“जब दुनिया ने मुझे बोझ समझा, तब मेरे माता-पिता ने मुझमें एक योद्धा देखा।”

श्रीकांत बोल्ला की शारीरिक उपस्थिति बहुत ही सरल और गरिमामय है। वे छोटे काले बाल, क्लीन-शेवन लुक और अपनी प्रसिद्ध आत्मविश्वास भरी मुस्कान (Confident Smile) के लिए जाने जाते हैं। नेत्रहीनता के बावजूद वे खुद को फिट रखने के लिए नियमित व्यायाम करते हैं। इवेंट्स में वे अक्सर **Smart Casuals** पहनना पसंद करते हैं, जो उनकी एप्रोचेबल और ऊर्जावान पर्सनैलिटी को दर्शाता है।
प्रसिद्धि से पहले का संघर्ष
VILLAGE ROOTS • SPORTING EXCELLENCE
स्कूल और खेल (Beyond Blindness)
श्रीकांत का शुरुआती जीवन गाँव की सादगी और चुनौतियों के बीच बीता। स्कूल में नेत्रहीनता के कारण उन्हें **PT Class** में शामिल होने से मना कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की—वे शतरंज (Chess) में नेशनल लेवल तक पहुँचे और ब्लाइंड क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
रिजेक्शन और सेल्फ-स्टडी
कई कोचिंग संस्थानों ने उन्हें उनकी विकलांगता के कारण दाखिला देने से मना कर दिया। बिना किसी बाहरी मदद के, उन्होंने **Self-Study** की और रिजेक्शन को अपनी प्रेरणा बनाया।
MIT: टर्निंग पॉइंट
प्रसिद्धि से पहले के दिनों में ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे नौकरी नहीं करेंगे। **MIT** में एडमिशन मिलना उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसने उनके ‘Entrepreneurship Dream’ को सच किया।
“जब दुनिया रास्ता बंद कर रही थी, श्रीकांत अपना खुद का रास्ता बना रहे थे।”

Samanvai Center
दिव्यांग बच्चों के लिए ब्रेल प्रेस और वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया।Bollant Industries
इको-फ्रेंडली पेपर प्रोडक्ट्स और अरेका प्लेट्स बनाने की शुरुआत।₹150 Crore+
मासिक 20% की शानदार ग्रोथ और चार प्रमुख प्लांट्स का विस्तार।🤝 बड़े समर्थन और नेतृत्व (Leadership)
श्रीकांत बोल्ला के विजन से प्रभावित होकर दिग्गज उद्योगपति Ratan Tata ने उनकी कंपनी में निवेश किया। APJ Abdul Kalam से प्रेरित होकर वे Lead India 2020 के सदस्य भी रहे। आज उनकी कंपनी में सैकड़ों दिव्यांग कर्मचारी (Disabled Employees) काम कर रहे हैं, जो एक सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल की मिसाल है।
“श्रीकांत न केवल एक चेयरमैन और CEO हैं, बल्कि वे समावेशी अर्थव्यवस्था (Inclusive Economy) का चेहरा हैं।”

डिजिटल उपस्थिति (Social Media)
PROFESSIONAL REACH • ORGANIC BRANDING
श्रीकांत लिंक्डइन पर सबसे अधिक सक्रिय हैं, जहाँ वे बिजनेस अपडेट और प्रेरणादायक लेख साझा करते हैं।
वे सोशल मीडिया से ज्यादा पब्लिक इवेंट्स और मीडिया कवरेज के जरिए लोगों से जुड़ते हैं।
🚀 ऑर्गेनिक पर्सनल ब्रांडिंग
श्रीकांत बोल्ला की सोशल मीडिया रणनीति पूरी तरह से Inspirational Content पर केंद्रित है। वे इंस्टाग्राम या ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कम सक्रिय रहते हैं और अपनी प्राइवेसी बनाए रखते हैं। उनकी कंपनी **Bollant Industries** के आधिकारिक पेज के माध्यम से बिजनेस की खबरें साझा की जाती हैं। उनकी अधिकांश ब्रांडिंग मीडिया कवरेज और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों से ऑर्गेनिक रूप से हुई है।
अनुमानित कुल संपत्ति (Estimated Net Worth)
₹50-100 Crore
📊 आय के स्रोत (Income Sources)
उनकी संपत्ति का मुख्य हिस्सा Bollant Industries से आता है। बिज़नेस एक्सपेंशन के साथ उनकी नेट वर्थ लगातार बढ़ रही है। Ratan Tata जैसे दिग्गजों का समर्थन उनके बिज़नेस मॉडल की मजबूती का प्रमाण है।
🏆 मुख्य उपलब्धियां (Milestones)
- MIT: पहले अंतरराष्ट्रीय नेत्रहीन छात्र बने।
- Entrepreneurship: 150cr+ टर्नओवर वाली कंपनी बनाई।
- Lead India 2020: यूथ लीडर के रूप में कार्य।
- Philanthropy: ‘समन्वय’ के जरिए समाज सेवा।
“श्रीकांत बोल्ला की असली दौलत उनके द्वारा बनाए गए करोड़ों का साम्राज्य नहीं, बल्कि उनके द्वारा सशक्त किए गए सैकड़ों दिव्यांग जीवन हैं।”
एक समावेशी कल की नींव
श्रीकांत बोल्ला की सबसे बड़ी विरासत **Inclusive Employment** है। उन्होंने यह साबित किया कि दिव्यांग लोग केवल सहानुभूति के पात्र नहीं, बल्कि वे अर्थव्यवस्था के लिए एक मूल्यवान संपत्ति हैं। आज उनकी कंपनी में हजारों दिव्यांगों को गरिमापूर्ण जीवन और रोजगार (Dignity Jobs) मिल रहा है।
सतत विकास (Sustainability)
पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) उत्पादों के माध्यम से उन्होंने समाज में प्रदूषण कम करने और **Zero Waste** लाइफस्टाइल का संदेश दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ा योगदान है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
श्रीकांत की कहानी करोड़ों युवाओं के लिए **Barriers Break** करने का एक उदाहरण है। उनका ‘Bollant’ मॉडल आज कई नए स्टार्टअप्स के लिए एक सफल केस स्टडी बन गया है।
“श्रीकांत बोल्ला की विरासत केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि एक विचार है—कि विजन आँखों से नहीं, मन से होता है।”

राष्ट्रीयता (Nationality)
भारतीय (Indian)
आंध्र प्रदेश की जड़ों से जुड़े, श्रीकांत एक गर्वित भारतीय नागरिक हैं।
धर्म (Religion)
हिंदू (Hindu)
वे पारंपरिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं और परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं।
व्यक्तिगत आस्था और राष्ट्रप्रेम
श्रीकांत बोल्ला के लिए उनकी आस्था उनकी व्यक्तिगत शक्ति का स्रोत है। वे किसी भी सार्वजनिक विवाद से दूर रहते हैं और एक संतुलित जीवन जीते हैं। अपनी राष्ट्रीयता पर उन्हें गर्व है, और वे अक्सर विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश का मान बढ़ाते हैं। उनके जीवन में धार्मिक परंपराएं और आधुनिक उद्यमिता का एक अद्भुत संगम दिखता है।
राष्ट्रीय और वैश्विक विस्तार
श्रीकांत का लक्ष्य Bollant Industries को देश के कोने-कोने में पहुँचाना और नए ग्रीन प्लांट्स (Green Plants) के साथ ग्लोबल मार्केट में प्रवेश करना है।
रोजगार का दोुगुना लक्ष्य
वे आने वाले वर्षों में दिव्यांग कर्मचारियों (Disabled Employment) की संख्या को दोगुना करना चाहते हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को गरिमापूर्ण जीवन मिल सके।
सामाजिक मिशन
गरीबी उन्मूलन और शिक्षा तक सबकी पहुँच सुनिश्चित करना उनके प्रमुख सामाजिक लक्ष्यों में शामिल है। वे एक बड़े **Philanthropy Network** की योजना पर काम कर रहे हैं।
अदम्य साहस और भविष्य (The Way Ahead)
श्रीकांत बोल्ला का भविष्य का विजन केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जहाँ कोई भी दिव्यांग खुद को अक्षम न समझे। वे बड़े पैमाने पर सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स (Sustainable Products) के उत्पादन और परिवार के साथ समय बिताने के बीच संतुलन बनाने के प्रति महत्वाकांक्षी लेकिन विनम्र हैं। आने वाले समय में वे ‘बोलांट’ को सस्टेनेबिलिटी का ग्लोबल गोल्ड स्टैंडर्ड बनाना चाहते हैं।

शौक और पसंदीदा चीजें
LIFE BEYOND BUSINESS • HOBBIES • TRIVIA
🎨 मुख्य शौक (Hobbies)
- शतरंज: नेशनल लेवल के खिलाड़ी।
- स्पोर्ट्स: क्रिकेट खेलना और फॉलो करना।
- रीडिंग: ब्रेल बुक्स (Braille Books) पढ़ना।
- स्पीकिंग: पब्लिक स्पीकिंग इवेंट्स में हिस्सा लेना।
- ट्रैवल: अमेरिका की यादें और गांव की यात्रा।
- फार्मिंग: सस्टेनेबल फार्मिंग के आइडियाज।
- म्यूजिक: रिलेक्स होने के लिए म्यूजिक सुनना।
🌟 पसंदीदा चीजें (Favorites)
- खाना: साउथ इंडियन डोसा।
- रंग: हरा (ईको-फ्रेंडली)।
- किताबें: सफल लोगों की जीवनियां।
- फिल्म: मोटिवेशनल फ़िल्में।
- स्थान: हैदराबाद (अपना घर)।
- खेल: क्रिकेट।
- प्रेरणा: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम।
दिलचस्प तथ्य (Interesting Facts)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
GET TO KNOW THE VISIONARY ENTREPRENEUR
❓ Srikanth Bolla कौन हैं?
वे एक नेत्रहीन उद्यमी, Bollant Industries के संस्थापक और MIT (USA) से स्नातक हैं, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
❓ उनकी शिक्षा और उपलब्धि क्या है?
वे MIT में मैनेजमेंट साइंस पढ़ने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय नेत्रहीन छात्र बने। उन्हें Ratan Tata का निवेश और समर्थन प्राप्त है।
❓ Bollant Industries क्या करती है?
यह कंपनी इको-फ्रेंडली पेपर प्रोडक्ट्स बनाती है और मुख्य रूप से दिव्यांग लोगों को रोजगार देकर उन्हें सशक्त बनाती है।
❓ उनकी कुल संपत्ति (Net Worth) कितनी है?
2026 तक उनकी अनुमानित कुल संपत्ति ₹50-100 करोड़ है, जो उनके निरंतर बढ़ते बिज़नेस साम्राज्य से आती है।
❓ क्या उनकी शादी हो चुकी है?
हाँ, उन्होंने साल 2022 में वीरा स्वाति से शादी की, जो उनके जीवन की हर बाधा में उनका साथ देती हैं।
❓ उनसे संपर्क कैसे किया जा सकता है?
पेशेवर अपडेट और संपर्क के लिए वे LinkedIn पर सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं।
Conclusion
Srikanth Bolla की story heart-touching है। Visually impaired से billionaire entrepreneur तक journey amazing। Bollant के through disabled empowerment, green products। Parents support, MIT education key। Veera life partner। Legacy motivation। Future bright expansions। Readers, Srikanth से learn: never give up। Determination wins। Proud Indian icon।
Also CHeck:-
